Please wait
select city
notifications
Live Tv
Search
पश्चिम बंगाल में समुद्र में लापता ट्रॉलर बरामद, नौ मछुआरों के शव मिले, छह की तलाश जारी Sudhir wins historic पश्चिम बंगाल में आज से लागू हो गया नया गुंडा नियंत्रण कानून Sudhir wins historic पश्चिम बंगाल सरकार ने यूसीसी मसौदे के अध्ययन के लिए नौ सदस्यीय समिति की अधिसूचित Sudhir wins historic कामदुनी दुष्कर्म-हत्या मामले में पीड़ित परिवार का सुप्रीम कोर्ट में विरोध नहीं करेगी राज्य सरकार, कानूनी सहायता भी देगी - मुख्यमंत्री Sudhir wins historic आवाज़ का नमूना दें, नहीं तो गिरफ्तारी पर रोक हट जाएगी: कलकत्ता हाई कोर्ट की अभिषेक बनर्जी को कड़ी चेतावनी Sudhir wins historic मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति ने प्रम्बानन मंदिर पुनरुद्धार परियोजना का शुभारंभ किया Sudhir wins historic शोपियां मुठभेड़ में लश्कर कमांडर जाकिर गनी मारा गया Sudhir wins historic बारुईपुर मुठभेड़ मामले में पुलिस का दावा - एसआई रॉनी सरकार की रिवॉल्वर छीनकर भाग रहा था आरोपित, आत्मरक्षा में पुलिस ने चलाई गोली Sudhir wins historic बारुईपुर दुष्कर्म-हत्या मामला : पुलिस मुठभेड़ में मारे गए आरोपित से मां ने किया किनारा, बोलीं- जो किया, उसका फल मिला Sudhir wins historic पश्चिम बंगाल में बारुईपुर नाबालिग दुष्कर्म-हत्याकांड का मुख्य आरोपित पुलिस मुठभेड़ में ढेर Sudhir wins historic

हाई कोर्ट ने बहाल की रद्द की गई 32 हजार प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति

जस्टिस तपोब्रत चक्रवर्ती और जस्टिस ऋतब्रत कुमार मित्रा की डिवीजन बेंच ने दोपहर में फैसला सुनाते हुए कहा कि नौ साल सेवा देने के बाद यदि इन शिक्षकों को हटाया जाता है तो इसका गंभीर प्रभाव उनके परिवारों पर पड़ेगा।

03 Dec 2025

हाई कोर्ट ने बहाल की रद्द की गई 32 हजार प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति रद्द होने के मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए कलकत्ता उच्च न्यायालय की डिवीजन बेंच ने बुधवार को जस्टिस (सेवानिवृत्त) अभिजीत गांगुली के उस आदेश को खारिज कर दिया, जिसमें राज्य के प्राथमिक विद्यालयों में नियुक्त 32 हजार शिक्षकों की नौकरी रद्द कर दी गई थी।

जस्टिस तपोब्रत चक्रवर्ती और जस्टिस ऋतब्रत कुमार मित्रा की डिवीजन बेंच ने दोपहर में फैसला सुनाते हुए कहा कि नौ साल सेवा देने के बाद यदि इन शिक्षकों को हटाया जाता है तो इसका गंभीर प्रभाव उनके परिवारों पर पड़ेगा।

साल 2014 में आयोजित टीईटी के आधार पर कुल 42,500 प्राथमिक शिक्षक नियुक्त किए गए थे। साल 2023 में जस्टिस अभिजीत गांगुली ने इनमें से 32 हजार नियुक्तियों को रद्द कर दिया था। आरोप था कि भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुईं। साथ ही, उन्होंने राज्य सरकार को तीन महीने के भीतर नई भर्ती प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया था।

इसके खिलाफ राज्य सरकार ने डिवीजन बेंच में अपील की, जहां जस्टिस सुब्रत तालुकदार और जस्टिस सुप्रतीम भट्टाचार्य की बेंच ने सिंगल बेंच के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी और सरकार को छह माह का समय दिया। बाद में मामला उच्चतम न्यायालय पहुंचा, जहां से इसे अंतिम सुनवाई के लिए उच्च न्यायालय भेजा गया।

आगामी विधानसभा चुनावों से पहले आया यह फैसला तृणमूल कांग्रेस के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, क्योंकि शिक्षा विभाग से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोप लंबे समय से पार्टी को घेरे हुए थे।

वहीं, विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जस्टिस गांगुली ने “सही काम किया था।” उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के शासन में किसी भी सरकारी नौकरी की परीक्षा पारदर्शी तरीके से नहीं हुई।

वहीं, तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कुछ छिटपुट गलतियों और अपराधों को पूरी शिक्षा व्यवस्था की विफलता की तरह पेश किया जा रहा है। राज्य सरकार पारदर्शी तरीके से भर्ती कर रही है। जहां गलतियां हुई हैं, उन्हें सुधारा जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि योग्य उम्मीदवारों को जल्द से जल्द नौकरी मिले।

उन्होंने विपक्ष पर राजनीतिक लाभ के लिए मामले को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि इसमें भाजपा, सीपीएम और कांग्रेस के एक वर्ग की मिलीभगत है।

उल्लेखनीय है कि, इस वर्ष मार्च में उच्चतम न्यायालय ने राज्य के कक्षा 9 से 12 तक के 25,753 शिक्षकों और गैर-शिक्षक कर्मचारियों की नियुक्ति रद्द कर दी थी। इसके बाद से शिक्षा विभाग से जुड़ी नियुक्तियों पर कानूनी और राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ता गया।

उच्च न्यायालय के ताजा आदेश से फिलहाल प्राथमिक स्तर की भर्ती विवाद में बड़ी राहत मिली है।

Ad Image
Comments

No comments to show. Log in to add some!

Other Relevant Stories


हाई कोर्ट ने बहाल की रद्द की गई 32 हजार प्राथमिक शिक्षकों की
जस्टिस तपोब्रत चक्रवर्ती और जस्टिस ऋतब्रत कुमार मित्रा की डिवीजन बेंच ने दोपहर में फैसला सुनाते हुए कहा कि नौ साल सेवा देने के बाद यदि इन शिक्षकों को हटाया जाता





Download The Taaza Tv App Now to Stay Updated on the Latest News!


play store download
app store download
app img


Breaking News